दिल्ली के कई स्कूलों में कक्षा 3-4 के आसपास बच्चों को पेंसिल से पेन पर शिफ्ट कराया जाता है, और कुछ बच्चों की हैंडराइटिंग इस बदलाव के बाद अचानक खराब हो जाती है - ज़्यादा दबाव, धुंधले अक्षर या असमान लाइनें। यह अक्सर पेन की अलग पकड़ और दबाव की
Read article →कुछ बच्चे अकेले में हर गतिविधि ठीक से कर लेते हैं - दौड़ना ठीक है, बॉल पकड़ना ठीक है - लेकिन जब दोनों को एक साथ करना हो, जैसे दौड़ते हुए बॉल पकड़ना या ताल के साथ ताली बजाना, तो गड़बड़ हो जाती है। यह दो गतिविधियों को एक साथ, सही क्रम में करन
Read article →कुछ बच्चे किसी कहानी को ज़ुबानी सुनकर बहुत अच्छे से याद रख लेते हैं, लेकिन वही जानकारी किताब या वर्कशीट से पढ़कर याद करने में बहुत मुश्किल होती है। यह ज़रूरी नहीं कि बच्चा ध्यान नहीं दे रहा - यह पढ़ी गई जानकारी को दिमाग में सही तरीके से संग
Read article →कुछ बच्चे किसी एक विषय में बहुत गहराई से डूब जाते हैं - जैसे ट्रेनें, नंबर या नक्शे - और लगभग हर बातचीत उसी विषय पर ले आते हैं। बहुत से बच्चों में यह सिर्फ़ एक सामान्य, गहरी पसंद होती है जो समय के साथ बदलती रहती है। लेकिन अगर यह रुचि इतनी क
Read article →जब बच्चा स्कूल में हकलाता है, तो कई माता-पिता सोचते हैं कि उसे क्लास में ज़ोर से पढ़ने से छुट्टी मिल जानी चाहिए। लेकिन हर बार पढ़ने से बचाना हमेशा मदद नहीं करता - इससे कभी-कभी बच्चे का डर और बढ़ सकता है। सही तरीका बच्चे की अपनी राय लेना और
Read article →कुछ बच्चों के लिए बाल कंघी करना या उलझे बाल सुलझाना हर बार एक बड़ी लड़ाई बन जाता है - रोना, सिर पीछे खींचना या बहुत गुस्सा करना। यह सिर्फ़ ज़िद नहीं हो सकती; स्कैल्प (सिर की त्वचा) बहुत संवेदनशील होने की वजह से हल्का सा खींचाव भी तेज़ दर्द
Read article →कई बार छोटा बच्चा पढ़ाई में बड़े भाई-बहन से आगे निकल जाता है - पढ़ना, लिखना या समझना ज़्यादा जल्दी सीख लेता है। हर बच्चे की सीखने की रफ़्तार अलग होती है, इसलिए यह हमेशा चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर बड़े बच्चे को लगातार कई विषयों में मुश्
Read article →दिल्ली के कई घरों में बच्चे एक ही वाक्य में हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों मिलाकर बोलते हैं - जैसे "mujhe wo toy chahiye"। ज़्यादातर मामलों में यह दो भाषाओं वाले घर में बड़े होने का सामान्य हिस्सा है, कमी नहीं। चिंता की बात तब बनती है जब बच्चा कि
Read article →बहुत से बच्चे कुछ समय के लिए दोनों पैरों पर पंजों (tiptoe) पर चलते हैं और यह अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन अगर बच्चा सिर्फ एक पैर के पंजों पर चलता है और दूसरा पैर सामान्य रूप से फ्लैट रहता है, तो यह अलग तरह का संकेत हो सकता है - जो शर
Read article →कुछ बच्चे लिखते, रंग भरते या मिटाते समय इतना ज़ोर लगाते हैं कि पेंसिल की नोक टूट जाती है या पेज फट जाता है। यह हमेशा जल्दबाज़ी या गुस्से की वजह से नहीं होता - कई बार बच्चे को यह अंदाज़ा नहीं होता कि किसी काम के लिए कितना ज़ोर सही है (force
Read article →स्टैमरिंग थेरेपी को लेकर कई पैरेंट्स सोचते हैं कि यह बस repetitive speech drills होंगी, जबकि असल में यह हर व्यक्ति के specific speech pattern को समझने और practical तरीके अपनाने पर आधारित होती है। पहला assessment शांत बातचीत, पढ़कर सुनाना और
Read article →कुछ बच्चे दिखाने के लिए पेंसिल सही तरीके से पकड़ लेते हैं, लेकिन असल में लिखना शुरू करते ही पकड़ बदल जाती है - टाइट पकड़, अजीब तरीके से हाथ रखना। इसका मतलब है कि सही पकड़ अभी automatic नहीं हुई है। अगर यह बार-बार होता रहे और हाथ जल्दी थक जा
Read article →कुछ बच्चे घर या क्लासरूम के सपाट फर्श पर बिलकुल सही चलते हैं, लेकिन घास, रेत या असमान रास्ते पर अचानक डगमगाने लगते हैं या बहुत सावधान हो जाते हैं। यह बैलेंस और शरीर के लगातार adjustment से जुड़ा एक motor skill है। अगर यह फ़र्क़ बार-बार और ल
Read article →Sensory integration therapy को अक्सर बहुत general तरीके से समझाया जाता है, जिससे पैरेंट्स को यह नहीं पता चलता कि session में असल में क्या होता है। पहला assessment बच्चे के खाने, कपड़ों, आवाज़ या movement से जुड़े specific reactions को समझने
Read article →कुछ बच्चे किसी concept को ज़ुबानी अच्छे से समझा देते हैं, लेकिन जब वही सवाल थोड़े अलग शब्दों में पूछा जाए तो अटक जाते हैं। यह ज़रूरी नहीं कि समझ की कमी हो - यह सीखी हुई बात को नए format में apply करने की दिक्कत हो सकती है। अगर यह पैटर्न कई
Read article →Special education शब्द का मतलब हर परिवार के लिए अलग हो सकता है - किसी के लिए यह सिर्फ़ किसी एक subject में अतिरिक्त मदद है, किसी के लिए एक पूरा structured plan। एक बार प्लान शुरू होने के बाद, हफ़्ते भर में तय goals पर काम होता है - जैसे rea
Read article →Speech और language से जुड़ी दिक्कतें अलग-अलग तरह की होती हैं - देर से बोलना, अस्पष्ट बोलना, हकलाना, grammar की समस्या। क्लिनिक चुनने से पहले फ़ोन पर कुछ सवाल पूछना फ़ायदेमंद रहता है - पहला assessment कैसा होगा, क्या एक ही थेरेपिस्ट लगातार स
Read article →Cerebral palsy rehabilitation कोई एक जैसा, तय प्रोग्राम नहीं होता - बच्चे की उम्र और ज़रूरत के साथ प्लान बदलता रहना चाहिए। छोटी उम्र में बैठना, रेंगना, खड़ा होना जैसे motor milestones पर फ़ोकस रहता है, जबकि बड़ी उम्र में चलने की सहनशक्ति, ह
Read article →कुछ बच्चे शब्दों को समझने से पहले भी आवाज़ के tone से बहुत कुछ समझ लेते हैं - जैसे खुश आवाज़ या सख्त आवाज़। कुछ toddlers इस फ़र्क़ को बिलकुल नोटिस नहीं करते, चाहे आवाज़ खुश हो या नाराज़, उनका रिएक्शन एक जैसा रहता है। अगर यह पैटर्न लगातार दि
Read article →कई माता-पिता बच्चे में किसी भी तरह की दिक्कत दिखने पर पहले मिलने वाले ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर में भर्ती करा देते हैं। लेकिन सही सेंटर चुनने से पहले कुछ बुनियादी बातें पूछना ज़रूरी है - कौन थेरेपिस्ट सेशन लेगा, प्रोग्रेस कैसे ट्रैक होगी, और
Read article →कई माता-पिता सोचते हैं कि अगर बच्चा stammer करता है, तो उसे घर पर ज़्यादा बोलने की या elocution जैसी प्रैक्टिस करवानी चाहिए, जिससे वह बेहतर हो जाए। लेकिन बिना सही तरीके के यह दबाव बढ़ा भी सकता है और स्थिति को और मुश्किल बना सकता है। fluency
Read article →कुछ बच्चों की लिखाई पेज की शुरुआत में बिल्कुल ठीक होती है, लेकिन जैसे-जैसे वे नीचे लिखते जाते हैं, अक्षर छोटे होने लगते हैं और लिखाई बिगड़ने लगती है। यह सिर्फ सुस्ती नहीं, बल्कि हाथ की मांसपेशियों में थकान (hand muscle fatigue) का संकेत हो
Read article →कुछ बच्चे यह जानते हैं कि डांस या ताली बजाने वाले खेल में क्या करना है, लेकिन सही समय (rhythm) पर शरीर को हिलाने में उन्हें मुश्किल होती है - वे या तो थोड़ा पीछे रह जाते हैं या आगे निकल जाते हैं। यह motor timing और coordination से जुड़ी एक
Read article →कुछ बच्चे बार-बार अपने आप गोल-गोल घूमते हैं, और सामान्य बच्चों की तरह चक्कर आने के बाद रुकते नहीं - उन्हें चक्कर महसूस ही नहीं होता या बहुत कम होता है। यह एक vestibular-seeking पैटर्न हो सकता है, जिसमें बच्चे का दिमाग घूमने की संवेदना को सा
Read article →कुछ बच्चे एक समय में एक निर्देश तो ठीक से समझ लेते हैं, लेकिन जब टीचर एक साथ दो या तीन चरणों वाला निर्देश देती है (जैसे "किताब निकालो, पेज 10 खोलो, और पहला सवाल लिखो"), तो वे उलझ जाते हैं या बीच का चरण भूल जाते हैं। यह auditory processing औ
Read article →जब स्कूल यह सुझाव देता है कि बच्चे के लिए IEP (Individualised Education Plan) बनाया जाना चाहिए, तो कई माता-पिता को यह नहीं पता होता कि आगे क्या करना है। सामान्य तौर पर इसमें एक मूल्यांकन (assessment), फिर बच्चे की ज़रूरतों के अनुसार एक योजन
Read article →आम तौर पर बच्चों की आवाज़ में बोलते समय उतार-चढ़ाव (intonation) होता है - सवाल पूछते समय आवाज़ ऊँची होना, खुशी या उत्साह में बदलाव आना। कुछ बच्चों की आवाज़ लगातार एक जैसी, सपाट (flat/monotone) रहती है, चाहे वे कुछ भी कह रहे हों। यह पैटर्न ब
Read article →ज़्यादातर बच्चों में लार गिरना (drooling) दांत निकलने की उम्र के साथ धीरे-धीरे कम हो जाता है। लेकिन अगर बच्चा इस उम्र के बाद भी लगातार और भारी मात्रा में लार गिराता रहे, तो यह जबड़े और होंठों पर नियंत्रण (jaw and lip control) से जुड़ी एक सं
Read article →कुछ बच्चे बातचीत में अपने शब्दों का उपयोग करने के बजाय किसी कार्टून या वीडियो के पूरे डायलॉग दोहराते हैं, वह भी उस स्थिति से मेल खाता या न खाता हुआ। इसे scripting कहा जाता है, जो echolalia से थोड़ा अलग है क्योंकि इसमें पूरा दृश्य या संवाद द
Read article →कुछ बच्चे बड़े होने के बाद भी रंग भरते समय लाइनों के बाहर निकल जाते हैं या आकृति के अंदर सही से रंग नहीं भर पाते। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि हाथ और आँख के तालमेल (hand-eye coordination) और बारीक मोटर कौशल (fine motor skills) से जुड़ी बात
Read article →कुछ बच्चे घर में परिवार के साथ बिलकुल रवानगी से बोलते हैं, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति या नए रिश्तेदार से बात करते समय उनकी stammering बढ़ जाती है। यह audience के हिसाब से बदलने वाला एक सामान्य पैटर्न है, जो तनाव से जुड़ा हो सकता है। अगर यह पै
Read article →कुछ बच्चे पेंसिल से इतना हल्का लिखते हैं कि कागज़ पर लिखा हुआ ठीक से दिखता ही नहीं। यह ज़्यादा दबाव से लिखने की समस्या से उलटा है, और अक्सर हाथ की कमज़ोर पकड़ या आत्मविश्वास की कमी से जुड़ा हो सकता है। अगर यह लगातार बना रहे, तो handwriting
Read article →कुछ बच्चे दौड़ने और कूदने में बिलकुल ठीक होते हैं, लेकिन बॉल को किक मारते समय निशाना या दिशा सही नहीं लग पाती। यह एक अलग तरह का coordination gap हो सकता है जो सामान्य gross motor skills से अलग है। अगर यह उम्र के हिसाब से ज़्यादा समय तक बना
Read article →कुछ बच्चों को हर समय टीवी या गाना चलते रहना चाहिए, और अगर कमरा बिल्कुल शांत हो जाए तो वे बेचैन या परेशान हो जाते हैं। यह सिर्फ आदत नहीं बल्कि sensory seeking का एक पैटर्न हो सकता है। अगर यह रोज़ाना और तीव्रता से हो रहा है, तो sensory assess
Read article →कुछ बच्चे सामान्य लिखित टेस्ट में अच्छे अंक लाते हैं, लेकिन multiple-choice (MCQ) सवालों में बार-बार गलती करते हैं, जबकि विषय उन्हें आता है। यह एक खास पैटर्न हो सकता है जिसमें कई समान विकल्पों के बीच सही जवाब चुनना मुश्किल होता है। अगर यह ल
Read article →अगर बच्चा हर दिन होमवर्क के समय रोता है, गुस्सा करता है या मना कर देता है, तो यह सिर्फ ज़िद या आलस नहीं हो सकता। कई बार यह किसी विषय को समझने में हो रही मुश्किल से बचने की कोशिश होती है। यदि यह रोज़ाना का पैटर्न बन गया है, तो learning asses
Read article →अगर बच्चे से एक ही आसान सवाल बार-बार पूछने पर हर बार अलग जवाब मिलता है, जैसे "क्या तुमने खाना खाया?" - कभी हां, कभी ना, तो यह सिर्फ ध्यान न देना नहीं हो सकता। यह भाषा को समझने और सही जवाब चुनने में दिक्कत का संकेत हो सकता है। अगर यह पैटर्न
Read article →डायपर बदलते समय अगर बच्चे की टांगें हमेशा कड़ी महसूस होती हैं और उन्हें आराम से अलग करना मुश्किल लगता है, तो यह सामान्य मूवमेंट से अलग हो सकता है। कभी-कभी ऐसा होना सामान्य है, लेकिन अगर हर बार, हर डायपर बदलने पर यह कड़ापन दिखता है, तो muscl
Read article →कुछ बच्चे तब भी बेपरवाह रहते हैं जब पास में कोई दूसरा बच्चा रोता है या गिर जाता है, जबकि उनकी उम्र के बच्चे अक्सर देखने लगते हैं या परेशान हो जाते हैं। यह हमेशा चिंता की बात नहीं, लेकिन अगर यह बार-बार और लगातार हो रहा है, साथ में आंख मिलाना
Read article →सर्दी शुरू होते ही कुछ बच्चों को स्वेटर के बटन लगाना या जैकेट की ज़िप बंद करना मुश्किल लगता है। यह ज़िद नहीं बल्कि कमज़ोर हाथ की पकड़ या क्रम में काम करने में दिक्कत हो सकती है। अगर रोज़ सुबह यह struggle बना रहता है और स्कूल जाने में देरी क
Read article →जब बच्चे में हकलाना शुरू होता है, तो माता-पिता अक्सर यह सोचकर घबरा जाते हैं कि क्या यह ज़िंदगी भर चलेगा और हमेशा थेरेपी की ज़रूरत रहेगी। सच यह है कि हर बच्चे की स्थिति अलग होती है - कुछ बच्चों में यह समय के साथ और सही सहायता से काफ़ी कम हो
Read article →कई बच्चे ब्लॉक (अलग-अलग) अक्षरों में अच्छा लिखते थे, लेकिन जब स्कूल में जोड़ी हुई (कर्सिव) लिखाई शुरू होती है, तो उनकी लिखाई अचानक धीमी, अस्पष्ट या बेतरतीब हो जाती है। यह सिर्फ नई आदत डालने में लगने वाला सामान्य समय हो सकता है, लेकिन अगर मु
Read article →ज़्यादातर बच्चे एक निश्चित उम्र तक बिना साइड के पहियों (ट्रेनिंग व्हील्स) के साइकिल चलाना सीख जाते हैं। अगर बच्चा उस उम्र से काफ़ी आगे निकल गया है और नियमित कोशिश के बावजूद भी बैलेंस नहीं बना पा रहा, तो यह सिर्फ कम प्रैक्टिस की बात नहीं हो
Read article →कुछ बच्चे चबाने, सूंघने या बार-बार होने वाली हल्की आवाज़ों से बहुत परेशान हो जाते हैं, जबकि ये आवाज़ें ज़्यादा तेज़ भी नहीं होती। यह तेज़ आवाज़ों से परेशान होने से अलग है - यहाँ दिक्कत आवाज़ की तीव्रता नहीं, बल्कि उसके बार-बार होने या विशेष
Read article →कुछ बच्चे क्लास में कभी हाथ नहीं उठाते और पढ़ने के लिए बुलाए जाने से घबराते हैं, जबकि घर पर वे सामान्य रूप से बात करते हैं। यह सिर्फ शर्म या झिझक नहीं हो सकती - कई बार यह इस डर से होता है कि सबके सामने पढ़ते हुए गलती हो जाएगी, जो किसी सीखने
Read article →जब बच्चे को स्कूल में अतिरिक्त सहायता (एक्स्ट्रा सपोर्ट) मिलने वाली होती है, तो कई माता-पिता को यह समझ नहीं आता कि बच्चे को यह बात कैसे बताएं कि वह अजीब या कमतर महसूस न करे। सीधी, सरल और सकारात्मक भाषा में बताना - जैसे कि यह सहायता उनकी सीख
Read article →कुछ बच्चे इतनी तेज़ी से बोलते हैं कि शब्द आपस में मिल जाते हैं और समझना मुश्किल हो जाता है, खासकर जब वे उत्साहित होते हैं। यह हकलाने जैसा अटकना नहीं है, बल्कि बोलने की रफ़्तार और स्पष्टता से जुड़ी अलग तरह की समस्या है, जिसे कभी-कभी क्लटरिंग
Read article →लगभग 5 महीने की उम्र तक ज़्यादातर बच्चे सामने लटके खिलौने की तरफ हाथ बढ़ाने या उसे छूने की कोशिश करने लगते हैं। अगर बच्चा इस उम्र तक भी जानबूझकर हाथ बढ़ाकर खिलौने तक पहुँचने की कोशिश नहीं करता, या हाथों की हरकत बहुत सीमित लगती है, तो यह शुर
Read article →कई माता-पिता यह सोचकर खुश होते हैं कि उनका टॉडलर कभी गुस्सा नहीं करता, कभी ना नहीं कहता और हर बात मान लेता है। ज़्यादातर बच्चों के लिए यह सच में आसान स्वभाव ही होता है, लेकिन कुछ मामलों में बहुत ज़्यादा और लगातार यह शांत रहना यह भी दिखा सकत
Read article →कुछ बच्चे 5-6 साल की उम्र में भी सिर्फ आड़ी-तिरछी रेखाएँ खींचते हैं या किसी इंसान की तस्वीर में हाथ, पैर, सिर जैसे बुनियादी हिस्से नहीं बना पाते, जबकि उनकी उम्र के बाकी बच्चे सरल आकृतियाँ बनाने लगते हैं। ड्रॉइंग सिर्फ कला नहीं है - यह आँख औ
Read article →बहुत से माता-पिता के लिए सबसे मुश्किल हिस्सा पहली अपॉइंटमेंट बुक करना ही होता है - यह न जानना कि क्या होगा, बच्चा सहयोग करेगा या नहीं। पहली ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेशन में आमतौर पर रोज़मर्रा की गतिविधियों के बारे में बातचीत और बच्चे को कुछ सामान
Read article →कई माता-पिता जैसे ही बच्चे में कोई संकेत दिखता है, पहले मिलने वाले ऑटिज़्म थेरेपी सेंटर में भर्ती करा देते हैं। लेकिन सही सेंटर चुनने के लिए कुछ बुनियादी बातें पूछना ज़रूरी है - कौन थेरेपिस्ट सेशन लेगा, प्रगति कैसे ट्रैक होगी, और पहली असेसम
Read article →कई माता-पिता देखते हैं कि परीक्षा या प्रतियोगिता के समय बच्चे का हकलाना अचानक बढ़ जाता है, और बाद में फिर कुछ कम हो जाता है। यह एक जाना-पहचाना पैटर्न है - तनाव हकलाने का कारण नहीं है, लेकिन यह उसकी तीव्रता को अस्थायी रूप से बढ़ा सकता है।
Read article →कुछ बच्चे किताब से देखकर लिखते समय साफ-सुथरी लिखाई करते हैं, लेकिन जब डिक्टेशन में सुनकर लिखना होता है, तो वही लिखाई बिगड़ जाती है या गलतियाँ बढ़ जाती हैं। यह अंतर सिर्फ असावधानी नहीं, बल्कि सुनकर और लिखकर एक साथ काम करने की अलग मुश्किल को
Read article →कुछ बच्चे बार-बार कोशिश करने के बावजूद रोप स्किपिंग (रस्सी कूदना) नहीं सीख पाते, जबकि उनके साथी बच्चे जल्दी सीख जाते हैं। इसमें हाथ और पैर का सही समय पर तालमेल चाहिए, और इस खास तालमेल में दिक्कत एक मोटर कोऑर्डिनेशन चुनौती का संकेत हो सकती ह
Read article →कुछ बच्चों को नहाने या बाल धोने के समय चेहरे पर पानी पड़ने से बहुत तेज़ परेशानी होती है - रोना, चिल्लाना या पूरी तरह मना करना। यह सिर्फ नहाने की नापसंदगी नहीं, बल्कि स्पर्श से जुड़ी सेंसरी प्रतिक्रिया हो सकती है, खासकर जब यह उम्र के साथ भी
Read article →कुछ बच्चों को उत्तर अच्छी तरह आता है, लेकिन परीक्षा में समय खत्म हो जाता है और वे सारे सवाल पूरे नहीं कर पाते। अगर यह बार-बार होता है, तो इसका कारण लापरवाही नहीं बल्कि लिखने या जानकारी प्रोसेस करने की रफ़्तार से जुड़ी एक सीखने की कठिनाई हो
Read article →कई बच्चे ट्यूशन में एक-पर-एक पढ़ाई में ठीक लगते हैं, लेकिन पूरी क्लास में, जहाँ ध्यान बांटना पड़ता है और माहौल में शोर-शराबा होता है, वही बच्चा पीछे रह जाता है। यह अंतर सिर्फ ट्यूशन की कमी नहीं, बल्कि सीखने के माहौल से जुड़ी एक अलग चुनौती ह
Read article →कुछ बच्चे 3 साल की उम्र के बाद भी लंबे-लंबे वाक्य बोलते हैं जिनमें कुछ असली शब्द होते हैं लेकिन बाकी हिस्सा समझ में नहीं आता, जैसे अपनी ही भाषा में कुछ कह रहे हों। यह आम बचपन की बड़बड़ाहट से अलग है और भाषा विकास की जाँच से स्पष्ट हो सकता है
Read article →कुछ बच्चों में उठाते समय या अचानक किसी आवाज़ से चौंकते समय शरीर बहुत ज़्यादा कड़ा हो जाता है या पूरा शरीर एक साथ झटके से हिल जाता है, जो सामान्य चौंकने की प्रतिक्रिया से थोड़ा अलग दिखता है। अगर यह बार-बार और लगातार हो, तो डॉक्टर से मोटर विक
Read article →कुछ बच्चे बहुत छोटी उम्र में अक्षर, अंक या लोगो पहचानने लगते हैं, जो देखने में बहुत स्मार्ट लगता है, लेकिन अगर वही बच्चा नाम बुलाने पर ध्यान नहीं देता या आँख मिलाकर जवाब नहीं देता, तो यह सिर्फ एक अलग सीखने की स्टाइल नहीं हो सकती। डॉक्टर इस
Read article →अगर आपका बच्चा मोती, पास्ता या लेसिंग कार्ड में धागा डालने में बहुत मुश्किल पाता है, भले ही बार-बार प्रयास किया हो, तो यह सिर्फ धीमापन नहीं हो सकता। इस काम में एक साथ दो हाथों का तालमेल, छोटी चीज़ को ठीक से पकड़ना और धागे को सही दिशा में डा
Read article →कई माता-पिता सोचते हैं कि क्या बच्चे के हकलाने के बारे में टीचर या रिश्तेदारों को बताना चाहिए, या इसे चुपचाप रहने देना बेहतर है। आम तौर पर टीचर को बताना मदद करता है क्योंकि वे क्लास में सही तरीके से सहयोग कर सकते हैं, लेकिन हर रिश्तेदार को
Read article →अगर आपका बच्चा अंग्रेज़ी में साफ और सही तरीके से लिखता है, लेकिन हिंदी लिखते समय अक्षर बिगड़ जाते हैं, लाइन पर नहीं टिकते या मात्राएँ छूट जाती हैं, तो यह सिर्फ कम अभ्यास नहीं हो सकता। देवनागरी लिपि की बनावट अंग्रेज़ी से अलग होती है, और कुछ
Read article →अगर आपका बच्चा तैराकी सीखते समय हाथ और पैर को एक साथ सही तालमेल से चलाने में बहुत मुश्किल पाता है, भले ही बाकी बच्चे धीरे-धीरे सीख जाते हैं, तो यह सिर्फ अभ्यास की कमी नहीं हो सकती। इसमें शरीर के दोनों हिस्सों को एक साथ अलग-अलग तरीके से चलान
Read article →अगर आपका बच्चा बड़ी शादियों या पारिवारिक समारोहों में जाकर बहुत परेशान हो जाता है, चिपक जाता है या पूरी तरह शांत होकर कोने में बैठ जाता है, तो यह सिर्फ शरारत या थकान नहीं हो सकती। इसमें शोर, भीड़, रोशनी, महक और छूने जैसी कई चीज़ें एक साथ आत
Read article →अगर आपका बच्चा सीधे जोड़-घटाव या गुणा-भाग सही तरीके से कर लेता है, लेकिन शब्दों में लिखे गणित के सवाल (वर्ड प्रॉब्लम) हल करने में अटक जाता है, तो यह एक जाना-पहचाना पैटर्न है। इसमें शब्दों को नंबर और ऑपरेशन में बदलने की स्किल अलग होती है, जो
Read article →अगर आपका बच्चा एक विषय में बहुत अच्छा करता है लेकिन दूसरे में बहुत पीछे रहता है, तो यह सिर्फ उस विषय को नापसंद करना नहीं हो सकता। कई बार यह किसी खास स्किल (जैसे पढ़ना या नंबरों को समझना) में एक विशेष कठिनाई (स्पेसिफिक लर्निंग डिफिकल्टी) का
Read article →अगर आपका बच्चा बार-बार 'क्या?' पूछता है या बात को दोहराने के लिए कहता है, तो यह सिर्फ ध्यान न देना नहीं हो सकता। इसके पीछे सुनने की क्षमता (हियरिंग) की समस्या या भाषा को प्रोसेस करने में देरी, दोनों में से कोई भी वजह हो सकती है। दोनों को अल
Read article →ज़्यादातर बच्चे करीब 4-6 महीने की उम्र तक, जब उन्हें खड़ा करके पकड़ा जाता है, तो अपने पैरों से ज़मीन पर थोड़ा दबाव डालना शुरू कर देते हैं। अगर आपका बच्चा इस उम्र के बाद भी पैरों से बिल्कुल वज़न नहीं डालता या पैर मोड़े रखता है, तो यह एक मोटर
Read article →ज़्यादातर बच्चे करीब 8-9 महीने की उम्र से अनजान लोगों से थोड़ा सहज नहीं होते और परिवार वालों के पास ज़्यादा जाना पसंद करते हैं। अगर आपका टॉडलर हर किसी के साथ एक जैसा व्यवहार करता है और अनजान व्यक्ति से भी बिना किसी हिचक के चला जाता है, तो य
Read article →अगर आपका बच्चा स्कूल बैग की ज़िप खोलने-बंद करने या सामान सही क्रम में पैक करने में बहुत समय लेता है, तो यह सिर्फ धीमापन नहीं हो सकता। इसमें हाथ की बारीक मूवमेंट (फाइन मोटर) और चीज़ों को सही क्रम में करने की स्किल (सीक्वेंसिंग) दोनों शामिल ह
Read article →अगर आपका बच्चा गाना गाते समय या कविता/राइम बोलते समय कम हकलाता है, लेकिन सामान्य बातचीत में ज़्यादा अटकता है, तो यह एक जाना-पहचाना फ्लुएंसी पैटर्न है। गाने और लयबद्ध बोलने की अलग प्रक्रिया होती है, इसलिए यह फरक सामान्य है, लेकिन इसे असेसमें
Read article →अगर आपका बच्चा कागज़ पर ठीक-ठाक लिखता है, लेकिन ब्लैकबोर्ड या व्हाइटबोर्ड पर लिखते समय अक्षर बिगड़ जाते हैं या हाथ थक जाता है, तो यह सिर्फ अभ्यास की कमी नहीं हो सकती। खड़ी सतह (वर्टिकल सरफेस) पर लिखने के लिए कंधे और कलाई की अलग स्थिरता चाहि
Read article →अगर आपका बच्चा स्कूल जाने की उम्र तक भी लिखने, खाने या चित्र बनाने के लिए बार-बार हाथ बदलता रहता है और किसी एक हाथ को प्राथमिकता नहीं देता, तो यह सिर्फ आदत नहीं हो सकती। हाथ की प्राथमिकता (हैंड डोमिनेंस) का सामान्य उम्र में स्थिर न होना मोट
Read article →अगर आपका बच्चा हमेशा कसकर गले लगने की मांग करता है, तकियों या कंबल के नीचे दबकर लेटना पसंद करता है, या खुद को किसी चीज़ से दबाना चाहता है, तो यह डीप-प्रेशर सीकिंग (गहरे दबाव की तलाश) नाम का एक सेंसरी पैटर्न हो सकता है, जो सेंसरी इंटीग्रेशन
Read article →अगर आपका बच्चा पढ़ाई में समझदार है लेकिन होमवर्क भूल जाता है, नोटबुक और वर्कशीट खो देता है, या कई चरणों वाले काम को खुद व्यवस्थित नहीं कर पाता, तो यह एग्ज़िक्यूटिव फंक्शन (योजना बनाने और व्यवस्थित करने की क्षमता) से जुड़ी कठिनाई हो सकती है,
Read article →अगर स्कूल कहता है कि 'थोड़ा और इंतज़ार करें, देखते हैं' जब आपको बच्चे की पढ़ाई से जुड़ी चिंता है, तो यह हमेशा गलत सलाह नहीं है, लेकिन इंतज़ार की एक सीमा होनी चाहिए। अगर समस्या महीनों तक वैसी ही बनी रहे, तो लर्निंग असेसमेंट करवाना बेहतर विकल
Read article →अगर आपका बच्चा बोलने में तो आगे है, लेकिन अक्सर सही शब्द ढूंढने में अटक जाता है - 'उम...' कहता है या 'वो चीज़' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता है - तो यह वर्ड-फाइंडिंग (शब्द खोजने) की कठिनाई हो सकती है, जो स्पीच-लैंग्वेज असेसमेंट से स्पष्ट हो
Read article →अगर आपका बच्चा दूध पीते समय बार-बार खांसता है, गला घुटने जैसा महसूस करता है, या दूध नाक से बाहर आ जाता है, तो यह सिर्फ सामान्य बात नहीं हो सकती। यह मुंह और गले की मांसपेशियों के समन्वय (ओरोमोटर कोऑर्डिनेशन) से जुड़ा शुरुआती संकेत हो सकता है
Read article →अगर आपका बच्चा गिरने, चोट लगने या डरने पर आपके पास दौड़कर गले लगने या देखने नहीं आता, तो यह सामाजिक संदर्भ (सोशल रेफरेंसिंग) में देरी का संकेत हो सकता है - यानी बच्चा भावनात्मक सहारे के लिए माता-पिता की ओर कम देखता है। यह एक शुरुआती संकेत ह
Read article →अगर आपका बच्चा जग या बोतल से पानी डालते समय अक्सर गिरा देता है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं हो सकती। इसमें हाथ की ताकत को सही मात्रा में नियंत्रित करना (मोशन और फोर्स का अंदाज़ा) और दोनों हाथों के बीच तालमेल शामिल होता है, जो एक ऑक्यूपेशनल थे
Read article →अगर आपका बच्चा घर में दो भाषाएं बोलता है और हकलाना सिर्फ एक भाषा में होता है - जैसे हिंदी में तो ठीक पर अंग्रेज़ी में अटकना, या इसका उल्टा - तो यह एक खास पैटर्न है जो फ्लुएंसी असेसमेंट में मदद कर सकता है, न कि चिंता को कम करने वाला संकेत।
Read article →अगर आपके बच्चे की राइटिंग घर पर बिना टाइम-लिमिट के ठीक रहती है, लेकिन क्लास टेस्ट या एग्जाम के दौरान बहुत जल्दी और बिगड़ी हुई हो जाती है, तो यह बताता है कि राइटिंग स्किल अभी पूरी तरह से ऑटोमैटिक नहीं हुई है, जिसकी वजह से समय के दबाव में यह
Read article →अगर आपका बच्चा हमेशा एक ही पैर या हाथ से बॉल किक करता है, पकड़ता है, और दूसरी तरफ से करने में काफी अजीब या कमजोर लगता है, तो यह शरीर के दोनों हिस्सों के बीच तालमेल (क्रॉसिंग मिडलाइन) में कमी का संकेत हो सकता है।
Read article →अगर आपका बच्चा लिफ्ट, एस्केलेटर या कार में बैठते-उतरते समय बहुत परेशान हो जाता है, चिपक जाता है या असहज दिखता है, और यह सामान्य से ज्यादा लगता है, तो यह वेस्टिबुलर (संतुलन से जुड़ी) संवेदी संवेदनशीलता का संकेत हो सकता है।
Read article →अगर आपका बच्चा कक्षा में मौखिक रूप से सही जवाब देता है और भरोसे से बोलता है, लेकिन लिखित टेस्ट में नंबर उस हिसाब से नहीं आते, तो यह मौखिक और लिखित प्रदर्शन के बीच अंतर का संकेत हो सकता है, जो कभी-कभी सीखने संबंधी कठिनाई से जुड़ा होता है।
Read article →अगर आपका बच्चा छोटे प्रीस्कूल या मॉन्टेसरी में ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन बड़े मेनस्ट्रीम स्कूल में जाने के बाद परेशानी होने लगी है, तो यह सिर्फ नए माहौल में एडजस्ट होने की समस्या भी हो सकती है और सीखने से जुड़ी कमी भी। दोनों में फर्क समझने के
Read article →अगर आपका बच्चा खूब बातें करता है लेकिन अक्सर सवाल का जवाब बिल्कुल अलग या असंबंधित देता है, जैसे सवाल ठीक से समझा ही नहीं, तो यह रिसेप्टिव लैंग्वेज यानी समझने की क्षमता में कमी का संकेत हो सकता है, भले ही बोलने में कोई परेशानी न दिखे।
Read article →अगर आपका टॉडलर चलते समय लंगड़ाता है या एक पैर अंदर या बाहर की ओर मुड़ा हुआ रहता है और यह उस उम्र के बाद भी ठीक नहीं हुआ है जब ज्यादातर बच्चे सीधा और स्थिर चलने लगते हैं, तो यह मोटर विकास की जांच कराने लायक संकेत है।
Read article →अगर आपका टॉडलर पीकाबू या बॉल को आगे-पीछे पास करने जैसे बारी-बारी वाले खेलों में दिलचस्पी नहीं दिखाता और खेल को आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं करता, तो यह सामाजिक सहभागिता (सोशल एंगेजमेंट) में देरी का संकेत हो सकता है। जल्द विकासात्मक आकलन कराने स
Read article →अगर आपका बच्चा हाथ से खाना खाने में परेशानी करता है, रोटी का गोला ठीक से नहीं बना पाता या चावल-दाल मिलाने में बहुत उलझन होती है, तो यह इन-हैंड मैनिपुलेशन (हाथ के भीतर वस्तु घुमाने) के कौशल में कमी का संकेत हो सकता है। उम्र के अनुसार हाथ की
Read article →अगर आपके टॉडलर ने घर में नए भाई-बहन के आने या किसी बड़े बदलाव (जैसे घर बदलना) के ठीक बाद हकलाना शुरू किया है, तो यह संयोग भी हो सकता है और जुड़ा हुआ भी। भाषा के तेज़ विकास के इस दौर में तनाव इसे बढ़ा सकता है, इसलिए सही आकलन कराना बेहतर रहता
Read article →अगर आपका बच्चा लिखते समय बार-बार मिटाकर दोबारा लिखता है, जिससे होमवर्क में बहुत समय लग जाता है, तो यह हमेशा सिर्फ परफेक्शन की आदत नहीं होती। कई बार इसके पीछे प्री-राइटिंग स्किल्स से जुड़ी कोई कमी हो सकती है, जिसकी जांच कराना मददगार हो सकता
Read article →अगर आपका बच्चा थोड़ी दूर चलने पर ही थक जाता है, बार-बार गोद में उठाने की ज़िद करता है या घर की सीढ़ियों से बचता है, तो यह हमेशा सिर्फ आलस नहीं होता। कई बार इसके पीछे मोटर कोऑर्डिनेशन या ताकत से जुड़ी वजह हो सकती है, जिसकी जांच कराना सही रहे
Read article →अगर आपका बच्चा तेज़ रोशनी, धूप या झिलमिलाती स्क्रीन में आंखें बंद कर लेता है, परेशान हो जाता है या बार-बार असहज महसूस करता है, तो यह कई बार विज़ुअल सेंसरी संवेदनशीलता का संकेत हो सकता है, जिसकी जांच सेंसरी इंटीग्रेशन थेरेपी से कराई जा सकती
Read article →अगर आपका बच्चा तुकांत (rhyming) शब्द बनाने या शब्दों को ताली बजाकर टुकड़ों (syllables) में बांटने में अपनी उम्र के हिसाब से पीछे है, तो यह आगे चलकर पढ़ने-लिखने में दिक्कत का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय पर जांच कराने से सही सहायता जल्दी मि
Read article →अगर आपके बच्चे की रिपोर्ट कार्ड में हर टर्म 'सुधार की ज़रूरत है' लिखा आता है, जबकि बच्चा मेहनत भी करता है, तो यह हमेशा कोशिश की कमी नहीं होती। कई बार इसके पीछे कोई सीखने से जुड़ी दिक्कत हो सकती है, जिसे सही आकलन से पहचाना जा सकता है।
Read article →अगर आपके बच्चे की आवाज़ अक्सर भारी, कर्कश या नाक से बोलने जैसी सुनाई देती है, या बाकी बच्चों से अलग लगती है, तो यह कई बार अस्थायी हो सकता है, जैसे सर्दी-ज़ुकाम के बाद। लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे, तो स्पीच और लैंग्वेज विशेषज्ञ से जांच
Read article →अगर आपका बच्चा गोद में लेने, दूध पिलाने या प्यार जताने के दौरान बार-बार पीठ को अकड़ाकर पीछे की ओर धकेलता है, तो यह कभी-कभार सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर यह बार-बार और लगातार होता है, तो यह मांसपेशियों की टोन से जुड़ा एक संकेत हो सकता है जि
Read article →अगर आपका टॉडलर खिलौनों से खेलने के बजाय पंखे घूमते देखने, पहियों को घुमाने या किसी एक चीज़ को लंबे समय तक एकटक देखने में समय बिताता है, तो यह हमेशा चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर यह बार-बार और लंबे समय तक होता है, तो यह विकासात्मक मूल्यांक
Read article →अगर आपका बच्चा अब भी खाना काटकर दिया जाना चाहता है और कांटा-छुरी एक साथ इस्तेमाल करने में मुश्किल महसूस करता है, तो यह हमेशा आदत की बात नहीं होती। कई बार इसके पीछे हाथों की ताकत, तालमेल या दोनों हाथों के एक साथ काम करने में कमी हो सकती है।
Read article →अगर आपके टॉडलर ने हाल ही में अटक-अटक कर बोलना (हकलाना) शुरू किया है, तो यह अक्सर 'डेवलपमेंटल डिसफ्लुएंसी' नाम की एक सामान्य और अस्थायी चरण होती है जो भाषा के तेज़ी से विकसित होने के दौरान होती है। लेकिन यह कितने समय तक सामान्य मानी जाए, इसक
Read article →अगर आपका बच्चा लिखते समय दूसरे हाथ से कागज़ को पकड़कर स्थिर नहीं रखता - जिससे कागज़ खिसकता या घूमता रहता है - तो यह हाथों के बीच तालमेल (बाइलेटरल कोऑर्डिनेशन) से जुड़ी एक छोटी लेकिन असर डालने वाली कमी हो सकती है। जांच से यह स्पष्ट हो सकता ह
Read article →अगर आपका बच्चा बार-बार फर्नीचर, दरवाज़ों या दूसरे लोगों से टकरा जाता है जबकि वह सामान्य रूप से चल रहा होता है, तो यह शरीर की स्थानिक जागरूकता (स्पेशियल अवेयरनेस) से जुड़ी कठिनाई हो सकती है। यह मोटर स्किल्स से जुड़ी एक सामान्य लेकिन जांचने य
Read article →अगर आपका बच्चा गिरने, छोटी चोट लगने या ठंड लगने पर दूसरे बच्चों जितना प्रतिक्रिया नहीं देता - जैसे चोट लगने पर रोता नहीं या ठंड में भी जैकेट पहनने से मना करता है बिना परेशान हुए - तो यह संवेदी प्रक्रिया (सेंसरी प्रोसेसिंग) में अंडर-रिस्पॉन्
Read article →अगर आपका 8-9 साल का बच्चा अभी भी एनालॉग घड़ी (सुई वाली घड़ी) सही से नहीं पढ़ पाता, तो यह सामान्य देर से सीखना भी हो सकता है, लेकिन अगर यह गणित की अन्य अवधारणाओं (जैसे पहाड़े, क्रम) में भी कठिनाई के साथ हो, तो यह सीखने की कठिनाई का संकेत हो
Read article →अगर आपका बच्चा क्लास 2 तक ठीक चल रहा था लेकिन क्लास 3 में अचानक पढ़ाई में पिछड़ने लगा है, तो इसका एक सामान्य कारण यह है कि क्लास 3 में पढ़ाई का स्तर और स्वतंत्र काम करने की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे पहले से छुपी हुई सीखने की कठिनाई सामन
Read article →अगर आपका बच्चा वाक्य बनाते समय शब्दों का क्रम उलट देता है, जैसे 'बॉल दो मुझे' की जगह 'दो बॉल मुझे' कहना, तो यह भाषा की संरचना (ग्रामर) से जुड़ी देरी का संकेत हो सकता है। छोटे बच्चों में कभी-कभी ऐसा होना सामान्य है, लेकिन उम्र बढ़ने पर भी लग
Read article →अगर आपके बच्चे को हल्के से बैठने की स्थिति में खींचने पर उसका सिर पीछे गिर जाता है या पीछे रह जाता है, तो यह सिर पर नियंत्रण (हेड कंट्रोल) की देरी का संकेत हो सकता है। यह शुरुआती महीनों में सामान्य भी हो सकता है, लेकिन उम्र के साथ न सुधरने
Read article →अगर आपका टॉडलर आपके इशारा करने पर उस दिशा में नहीं देखता - यानी आपकी नज़र या इशारे का पीछा नहीं करता - तो यह 'जॉइंट अटेंशन' नाम की एक शुरुआती सामाजिक-संचार क्षमता से जुड़ा है। यह हर बच्चे में थोड़ी अलग उम्र में विकसित होती है, लेकिन लगातार
Read article →अगर आपका बच्चा गोंद की बोतल, टूथपेस्ट ट्यूब या सोप पंप को सही तरीके से नहीं दबा पाता - या तो बहुत ज़्यादा दबा देता है या बिल्कुल नहीं दबा पाता - तो इसका कारण हाथ की पकड़ और ताकत (ग्रिप स्ट्रेंथ) में कमी हो सकती है। यह एक सामान्य बात भी हो स
Read article →अगर आपके बच्चे की हकलाहट फोन पर बात करते समय, क्लास में सुनाते समय या अनजान लोगों से बात करते वक्त ज़्यादा बढ़ जाती है, तो यह सामान्य बात है - हकलाहट अक्सर स्थिति के हिसाब से बदलती है। लेकिन अगर यह बच्चे को परेशान कर रहा है या बढ़ता जा रहा
Read article →अगर आपका बच्चा किताब या वर्कशीट से कॉपी करते समय अक्षर या पूरे शब्द छोड़ देता है, तो इसका कारण आँखों की ट्रैकिंग (नज़र का सही क्रम में चलना) या ध्यान से जुड़ी कठिनाई हो सकती है। यह सामान्य ग़लती भी हो सकती है, लेकिन बार-बार होने पर जांच करव
Read article →अगर आपका बच्चा पैंट या जूते पहनते समय एक पैर पर खड़ा होकर संतुलन नहीं बना पाता और गिर जाता है या सहारा लेता है, तो यह संतुलन संबंधी कमज़ोरी का संकेत हो सकता है। उम्र के हिसाब से यह सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार बने रहने पर जांच करवाना उच
Read article →अगर आपका बच्चा हल्की सी गंध से भी बेचैन हो जाता है, नाक दबा लेता है या उल्टी जैसा महसूस करता है, जबकि दूसरों को वह गंध महसूस ही नहीं होती, तो यह गंध से जुड़ी सेंसरी संवेदनशीलता हो सकती है। यह आमतौर पर गंभीर नहीं है, लेकिन रोज़मर्रा की ज़िंद
Read article →अगर आपका बच्चा कहानी को क्रम में नहीं बता पाता, हफ्ते के दिन या महीने याद रखने में उलझता है, या निर्देशों को सही क्रम में पूरा नहीं कर पाता, तो यह क्रम-व्यवस्था (सीक्वेंसिंग) से जुड़ी कठिनाई हो सकती है। यह अक्सर सीखने की किसी व्यापक चुनौती
Read article →अगर आपके बच्चे को सीखने में कठिनाई है और परीक्षा में अतिरिक्त समय या अन्य सुविधा की ज़रूरत महसूस होती है, तो यह अक्सर एक औपचारिक आकलन रिपोर्ट के आधार पर स्कूल से माँगा जा सकता है। हर स्कूल और बोर्ड की प्रक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए सही दस्
Read article →अगर आपका बच्चा कुछ आवाज़ों को लगातार बदल कर बोलता है, जैसे 'र' की जगह 'व', तो शुरुआती उम्र में यह सामान्य है। लेकिन अगर उम्र बढ़ने के बाद भी यह पैटर्न बना रहता है और बोली समझने में मुश्किल करता है, तो स्पीच थेरेपिस्ट से जांच करवाना उचित है।
Read article →अगर आपका बच्चा घुटनों के बल चलते समय एक पैर को घसीटता है या शरीर के एक तरफ का इस्तेमाल ज़्यादा करता है, तो यह असमान गति से जुड़ा एक संकेत हो सकता है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। कई बार यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन लगातार बने रहने पर
Read article →अगर आपका बच्चा ताली बजाना, बाय-बाय करना या सरल हरकतें देखकर उन्हें दोहराता नहीं है, तो यह शुरुआती विकास का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, क्योंकि नकल करना सीखने का एक प्रमुख तरीका है। हर बच्चा अलग गति से सीखता है, लेकिन लगातार न दोहराना डॉ
Read article →अगर आपका बच्चा लिखते या रंग भरते समय बार-बार हाथ थकने की शिकायत करता है और जल्दी रुक जाता है, तो इसका कारण हाथ की मांसपेशियों की कमज़ोर सहनशक्ति हो सकता है, न कि आलस। यह आमतौर पर अभ्यास और सही पकड़ से सुधर सकता है, लेकिन लगातार बने रहने पर
Read article →अगर आपके बच्चे की हकलाहट कुछ हफ्तों तक कम हो जाती है और फिर दोबारा बढ़ जाती है, तो यह उतार-चढ़ाव वाला पैटर्न आम है और इसका मतलब यह नहीं कि पहले की प्रगति बेकार गई। लेकिन अगर यह उतार-चढ़ाव लंबे समय तक बना रहे, तो फ्लुएंसी असेसमेंट करवाना सही
Read article →अगर आपका बच्चा वाक्य लिखते समय शब्दों के बीच जगह नहीं छोड़ता और सब कुछ आपस में जुड़ा हुआ लिखता है, तो यह शुरुआती लेखन में सामान्य बात हो सकती है। लेकिन अगर यह पैटर्न उम्र के साथ भी बना रहे, तो हैंडराइटिंग का आकलन करवाना एक अच्छा कदम है।
Read article →अगर आपका बच्चा दौड़ते समय अजीब तरीके से या भारी पैरों के साथ दौड़ता है, और यह दूसरे बच्चों से साफ अलग दिखता है, तो यह ग्रॉस मोटर समन्वय से जुड़ा संकेत हो सकता है। कई बार यह उम्र के साथ ठीक हो जाता है, लेकिन अगर यह लगातार बना रहे, तो आकलन कर
Read article →अगर आपका बच्चा सिर्फ घास, रेत या किसी खास सतह पर पंजों के सहारे चलता है, जबकि बाकी जगहों पर सामान्य तरीके से चलता है, तो यह सतह से जुड़ी सेंसरी असहजता का संकेत हो सकता है। यह चाल से जुड़ी किसी स्थायी समस्या से अलग है, लेकिन अगर यह पैटर्न बन
Read article →अगर आपका बच्चा 7-8 साल की उम्र के बाद भी बाएँ और दाएँ में लगातार उलझन में रहता है, तो यह सामान्य बचपन की भूल से आगे बढ़कर सीखने संबंधी किसी चुनौती का संकेत हो सकता है। ज़्यादातर बच्चे इस उम्र तक यह अंतर समझ लेते हैं, इसलिए लगातार उलझन बने र
Read article →दिल्ली में बच्चों के लिए लर्निंग एसेसमेंट या डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट बनवाने से पहले ज़्यादातर माता-पिता के मन में यह सवाल आता है कि किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होगी। सामान्यतः स्कूल की रिपोर्ट, पुराने मेडिकल रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज़ मा
Read article →अगर आपका बच्चा 2 साल की उम्र के बाद भी शब्दों के बदले इशारों या पॉइंटिंग से अपनी बात समझाता है, तो यह भाषा विकास में देरी का संकेत हो सकता है। इशारे करना सामान्य विकास का हिस्सा है, लेकिन अगर शब्दों की जगह लगातार इशारे ही इस्तेमाल हों, तो स
Read article →अगर आपका बच्चा हमेशा सिर एक ही तरफ घुमाता है और दूसरी तरफ घुमाने में मुश्किल महसूस करता है, तो यह शुरुआती मोटर असंतुलन का संकेत हो सकता है। कई बार यह समय के साथ खुद ठीक हो जाता है, लेकिन अगर यह लगातार बना रहे, तो डॉक्टर या थेरेपिस्ट से जांच
Read article →अगर आपका बच्चा हमेशा अकेले खेलना पसंद करता है और दूसरे बच्चों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाता, तो यह कई बार स्वभाव की बात हो सकती है, लेकिन कभी-कभी यह शुरुआती सामाजिक विकास से जुड़े संकेत भी हो सकते हैं। अगर यह पैटर्न लगातार बना रहे और उम्र के
Read article →अगर आपका बच्चा घर के दरवाज़े के हैंडल, नल या स्विच घुमाने में बार-बार परेशान होता है, तो यह हमेशा आलस या ज़िद नहीं होती। कई बार हाथ की पकड़ और कलाई की ताकत कमज़ोर होने से ऐसा होता है। अगर यह मुश्किल रोज़ाना के कामों में बाधा बन रही हो, तो ऑ
Read article →अगर आपका बच्चा कुछ खास शब्दों पर हकलाने से बचने के लिए उन्हें बदल देता है या बोलने से टाल देता है, तो इसे 'वर्ड अवॉइडेंस' (word avoidance) कहा जाता है। यह बताता है कि बच्चे को अपनी हकलाहट का अहसास हो चुका है और वह सहज तरीके से उससे निपटने क
Read article →अगर आपका बच्चा एक ही वाक्य में कुछ अक्षर बहुत बड़े और कुछ बहुत छोटे लिखता है, और यह असंगति लगातार दिखे, तो यह सिर्फ जल्दबाज़ी नहीं हो सकती। अक्षरों के आकार में एकरूपता बनाए रखने के लिए हाथ की मोटर नियंत्रण और नज़र-हाथ तालमेल दोनों ज़रूरी हो
Read article →अगर आपका बच्चा पार्क में मंकी बार्स (monkey bars) और क्लाइम्बिंग फ्रेम से दूर रहता है, जबकि दौड़ने-कूदने में कोई परेशानी नहीं दिखती, तो यह उंगलियों और हाथों की पकड़ (grip) या ऊपरी शरीर की मज़बूती से जुड़ा हो सकता है। कुछ बच्चे सिर्फ डर की व
Read article →अगर आपका बच्चा बार-बार अपनी शर्ट के कॉलर, आस्तीन या पेंसिल चबाता रहता है, वह भी बिना भूख के, तो यह सिर्फ एक बुरी आदत नहीं हो सकती। कुछ बच्चों के लिए चबाना मुँह को शांत और संतुलित महसूस कराने का एक तरीका होता है, जिसे ओरल सेंसरी सीकिंग (oral
Read article →अगर आपका बच्चा पढ़ते समय एक जैसे दिखने वाले शब्दों को बार-बार उलट देता है, जैसे 'was' को 'saw' या 'from' को 'form' पढ़ना, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं हो सकती। यह पढ़ने के दौरान शब्दों को पहचानने की प्रक्रिया से जुड़ी एक सामान्य शुरुआती मुश्कि
Read article →अगर स्कूल ने Class 1 में दाखिले से पहले आपके बच्चे का लर्निंग असेसमेंट (learning assessment) करवाने के लिए कहा है, तो यह घबराने वाली बात नहीं है। कई स्कूल अब दाखिले से पहले बच्चे की तैयारी और सीखने के तरीके को समझने के लिए यह आकलन मांगते है
Read article →अगर आपका बच्चा बोलते समय शब्दों का आखिरी अक्षर या आवाज़ छोड़ देता है, जैसे 'cat' को 'ca' कहना, तो यह बोलने के विकास की एक जानी-पहचानी शुरुआती प्रक्रिया हो सकती है जो ज़्यादातर बच्चों में उम्र के साथ अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन अगर यह पैटर
Read article →अगर आपका बच्चा 18 महीने का हो चुका है और अभी भी सिर्फ फर्नीचर या किसी सहारे को पकड़कर चलता है, बिना सहारे अकेले चलना शुरू नहीं किया है, तो यह ज़रूर एक ऐसा मील का पत्थर है जिसे ध्यान से देखना चाहिए। ज़्यादातर बच्चे 12 से 18 महीने के बीच अकेल
Read article →अगर आपका बच्चा लगभग 15 महीने की उम्र में कुछ शब्द बोलता था, लेकिन अब वे शब्द बोलना बंद कर चुका है या बहुत कम बोलता है, तो इसे सामान्य रूप से नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। कुछ बच्चों में भाषा का पीछे जाना (regression) डेवलपमेंटल जांच की ज़रूरत
Read article →अगर आपका छोटा बच्चा मटर के दाने, बीड्स या बटन जैसी छोटी चीज़ें उंगलियों की नोक से उठाने में बार-बार परेशान होता है और पूरी मुट्ठी से पकड़ने की कोशिश करता है, तो यह उंगलियों की पिंसर ग्रिप (pincer grasp) के देर से विकसित होने का संकेत हो सकत
Read article →अगर आपके परिवार में पहले किसी को हकलाहट (stammering) रही हो और आपका 3 साल का बच्चा अभी हकलाना शुरू किया है, तो सिर्फ 'इंतज़ार करें' वाली सामान्य सलाह यहाँ पूरी तरह लागू नहीं होती। पारिवारिक इतिहास होने पर हकलाहट बने रहने की संभावना थोड़ी ज़
Read article →अगर आपका बच्चा एक ही शब्द में बड़े (capital) और छोटे (small) अक्षर बेतरतीब ढंग से मिला देता है, जबकि अक्षर अलग-अलग अच्छी तरह जानता है, तो यह लिखते समय तालमेल बनाने की एक सामान्य शुरुआती मुश्किल हो सकती है। अगर यह उम्र के साथ भी लगातार बना र
Read article →अगर आपका बच्चा स्कूल जाने की उम्र में भी बॉल को ऊपर से (overhand) नहीं फेंक पाता और हमेशा साइड से या नीचे से फेंकता है, तो यह शरीर के तालमेल से जुड़ी बात हो सकती है। ओवरहैंड थ्रो में शरीर के दोनों हिस्सों का तालमेल ज़रूरी होता है। अगर अभ्या
Read article →अगर आपका बच्चा हैंड ड्रायर, मिक्सर या ऐसी किसी खास तेज़ आवाज़ से बहुत परेशान हो जाता है, कान बंद कर लेता है या रोने लगता है, तो यह सामान्य शोर से डरने से अलग बात हो सकती है। कुछ बच्चों के लिए खास तरह की आवाज़ें प्रोसेस करना मुश्किल होता है।
Read article →अगर आपका बच्चा कल सीखी हुई स्पेलिंग आज भूल जाता है और वही गलती बार-बार दोहराता है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं हो सकती। कई बार इसका कारण शब्दों को याद रखने और दोबारा निकालने की एक खास कठिनाई होती है। अगर यह हफ़्तों तक लगातार बना रहे, तो लर्नि
Read article →अगर आपका बच्चा हर स्कूल की सुबह रोता है या जाने से मना करता है, तो यह हमेशा सिर्फ अलगाव की चिंता (separation anxiety) नहीं होती। कई बार इसके पीछे किसी खास विषय में लगातार पिछड़ना और रोज़ नाकामी का अनुभव होना होता है। अगर कोई खास विषय साफ तौ
Read article →अगर आपका बच्चा अकेले शब्द बहुत साफ बोलता है, लेकिन पूरे वाक्य में बोलते समय समझना मुश्किल हो जाता है, तो यह एक जाना-पहचाना पैटर्न है। लगातार बोलने में तेज़ी से आवाज़ों को जोड़ना एक अलग कौशल है। अगर यह अंतर बार-बार दिखे और सुनने वालों को बार
Read article →अगर आपके बच्चे की मुट्ठी 4 महीने के बाद भी ज़्यादातर समय कसकर बंद रहती है और अंगूठा अंदर दबा रहता है, तो यह ध्यान देने लायक शुरुआती संकेत हो सकता है, खासकर जब एक हाथ दूसरे से ज़्यादा बंद रहे। यह हमेशा सेरेब्रल पाल्सी का मतलब नहीं है, लेकिन
Read article →अगर आपका बच्चा खिलौना लाकर आपको दिखाता नहीं, या किसी मज़ेदार चीज़ को देखकर आपकी तरफ मुस्कुराकर नहीं देखता, तो इसे 'जॉइंट अटेंशन' यानी ध्यान साझा करने की कमी कहा जाता है। यह सामाजिक विकास का एक शुरुआती संकेत है। अगर यह लगातार हो रहा हो तो शु
Read article →अगर आपका बच्चा हर स्कूल की सुबह कपड़े पहनने में बहुत ज़्यादा समय लगाता है, जबकि बटन और ज़िप अलग-अलग ठीक से कर पाता है, तो यह सिर्फ आलस नहीं हो सकता। कई बार इसका कारण मोटर प्लानिंग यानी कई चरणों को सही क्रम में जोड़ने की क्षमता से जुड़ा होता
Read article →जब बच्चा हकलाता (stammer) है, तो कई माता-पिता बीच में वाक्य पूरा कर देते हैं या बार-बार "धीरे बोलो" जैसी सलाह देते हैं, यह सोचकर कि इससे मदद मिलेगी। असल में इससे बच्चे का आत्मविश्वास कम हो सकता है। सही तरीके से प्रतिक्रिया देना सीखना और ज़र
Read article →अगर आपका बच्चा 7 साल की उम्र के बाद भी अक्षर और अंक उल्टे लिखता है, तो थोड़ी-बहुत गलती सामान्य हो सकती है, लेकिन लगातार ऐसा होना एक संकेत हो सकता है। लिखावट और प्री-राइटिंग स्किल्स से जुड़ी जांच करवाने से स्पष्टता मिल सकती है कि यह सामान्य
Read article →अगर आपका 4 साल का बच्चा अभी भी सीढ़ियाँ चढ़ते समय हर सीढ़ी पर दोनों पैर रखता है और पैर बदल-बदल कर नहीं चढ़ पाता, तो यह एक मोटर माइलस्टोन है जिस पर ध्यान देना चाहिए। कुछ बच्चे थोड़ी देर से यह सीखते हैं, लेकिन लगातार कठिनाई होने पर ग्रॉस मोटर
Read article →अगर आपका बच्चा लगातार चीज़ों को छूता रहता है, दीवारों, कपड़ों या दूसरे बच्चों को भी बार-बार छूता है और कक्षा में हाथ रोक नहीं पाता, तो यह अक्सर शरारत नहीं बल्कि सेंसरी ज़रूरत हो सकती है। कुछ बच्चों को स्पर्श (touch) से जुड़ी अतिरिक्त उत्तेज
Read article →अगर आपका बच्चा अंकों को उल्टा लिखता है या बहुत अभ्यास के बाद भी पहाड़े (multiplication tables) याद नहीं रख पाता, तो यह सिर्फ कम मेहनत की बात नहीं हो सकती। कुछ बच्चों में संख्याओं और गणित से जुड़ी एक विशेष सीखने की कठिनाई होती है, जिसे डिस्क
Read article →अगर स्कूल ने आपके बच्चे की पढ़ाई या व्यवहार को लेकर मीटिंग बुलाई है, तो घबराने की बजाय तैयार होकर जाना ज़्यादा मददगार होता है। आमतौर पर स्कूल यह बताता है कि बच्चे को कक्षा में कहाँ दिक्कत आ रही है और आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं। कई बार एक
Read article →अगर आपका बच्चा "मुझे जूस चाहिए" की जगह "तुम्हें जूस चाहिए" जैसा कुछ कहता है या "मैं" और "तुम" को बार-बार उलट देता है, तो छोटी उम्र में यह सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर यह उम्र बढ़ने के बाद भी बना रहे, तो भाषा विकास की जांच करवाना उचित है।
Read article →अगर आपका बच्चा 6 महीने की उम्र तक पेट से पीठ और पीठ से पेट की तरफ करवट नहीं ले पाता, तो यह एक ज़रूरी मोटर माइलस्टोन है जिस पर ध्यान देना चाहिए। कुछ बच्चे थोड़ी देर से यह सीखते हैं, लेकिन अगर शरीर बहुत अकड़ा हुआ या बहुत ढीला लगे, तो डॉक्टर स
Read article →अगर आपका बच्चा एक साल की उम्र तक बहुत कम बड़बड़ाता (babbling) है या आवाज़ें नहीं निकालता, तो यह हमेशा चिंता की बात नहीं है, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ भी नहीं करना चाहिए। बोलने से पहले बड़बड़ाना एक ज़रूरी विकासात्मक कदम है। अगर यह बहुत कम है या र
Read article →अगर आपका बच्चा स्कूल में टिफिन बॉक्स, स्नैक का रैपर या जूस का डिब्बा खुद नहीं खोल पाता और हर बार मदद माँगता है, तो यह हमेशा आलस नहीं होता। कई बार इसका कारण हाथ की पकड़ की ताकत, दोनों हाथों के तालमेल या मोटर योजना की कमी हो सकता है। अगर यह उ
Read article →अगर हकलाते समय आपके बच्चे की आंखें ज़ोर से झपकती हैं, सिर झटका खाता है या चेहरा तन जाता है, तो ये 'सेकंडरी बिहेवियर' कहलाने वाले अतिरिक्त लक्षण हो सकते हैं। ये बताते हैं कि बच्चा बोलने में आ रही रुकावट से जूझ रहा है। इस स्थिति में जल्दी फ्ल
Read article →अगर आपका बच्चा गोला (सर्कल) तो आसानी से बना लेता है लेकिन क्रॉस या त्रिकोण बनाने में बहुत मुश्किल होती है, तो यह प्री-राइटिंग (लेखन-पूर्व) कौशल के विकास से जुड़ा हो सकता है। बच्चे अलग-अलग उम्र में अलग आकृतियाँ सीखते हैं, लेकिन अगर यह अपनी उ
Read article →अगर आपका बच्चा स्कूल की पीटी क्लास में दूसरे बच्चों की तरह स्किप (एक पैर आगे उछलते हुए चलना) या सरपट (गैलप) नहीं कर पाता, तो यह शरीर के दोनों हिस्सों के तालमेल से जुड़ी मोटर स्किल की बात हो सकती है। हर बच्चे की गति अलग होती है, लेकिन अगर यह
Read article →अगर आपका बच्चा झूले, स्लाइड या पैरों के ज़मीन से ऊपर उठने से बहुत डरता है, जबकि दूसरे बच्चे इसे पसंद करते हैं, तो यह ज़िद नहीं बल्कि सेंसरी (संवेदी) संवेदनशीलता का हिस्सा हो सकता है। खासकर संतुलन से जुड़ी वेस्टिबुलर सेंसिटिविटी के कारण ऐसा
Read article →अगर आपका बच्चा शब्दों को सही-सही पढ़ लेता है लेकिन यह नहीं बता पाता कि उसने क्या पढ़ा, तो यह केवल असावधानी नहीं हो सकती। कुछ बच्चों में शब्द पढ़ने (डिकोडिंग) और पढ़े हुए को समझने (कॉम्प्रिहेंशन) की क्षमता के बीच अंतर होता है। अगर यह बार-बार
Read article →अगर आपको बच्चे को एक काम बताने के लिए कई बार दोहराना पड़ता है, या वह निर्देश सुनने के कुछ ही देर बाद भूल जाता है, तो यह हमेशा ध्यान न देने की बात नहीं होती। कभी-कभी इसका संबंध 'वर्किंग मेमोरी' यानी जानकारी को थोड़ी देर याद रखने की क्षमता से
Read article →अगर आपका बच्चा घर पर खुलकर बात करता है लेकिन स्कूल या बाहर लोगों के सामने बिल्कुल चुप हो जाता है, तो यह सामान्य शर्मीलापन भी हो सकता है और कभी-कभी इसे 'सिलेक्टिव म्यूटिज़्म' कहा जाने वाला पैटर्न भी। अगर यह लंबे समय तक बना रहे और स्कूल या दो
Read article →अगर आपके बच्चे को उठाने पर वह असामान्य रूप से ढीला या मुलायम महसूस होता है, सिर या धड़ को संभाल नहीं पाता, तो यह मांसपेशियों की कम टोन (लो मसल टोन) का संकेत हो सकता है। हर मामला गंभीर नहीं होता, लेकिन अगर यह लगातार बना रहे तो बाल रोग विशेषज
Read article →अगर आपका बच्चा खुश होने पर हाथ फड़फड़ाता है, गोल-गोल घूमता है या झूलता है, तो यह अकेले चिंता की बात नहीं है - कई छोटे बच्चे उत्साहित होने पर ऐसी हरकतें करते हैं। अगर यह बहुत बार होता है, खेल और बातचीत में रुकावट डालता है, या अन्य विकासात्मक
Read article →अगर आपका बच्चा बार-बार चम्मच गिराता है, खाना गिराता है या कटोरी ठीक से नहीं पकड़ पाता, तो यह हमेशा जल्दबाज़ी या लापरवाही नहीं होती। कई बार इसका कारण हाथ की पकड़ की ताकत या मोटर नियंत्रण की कमी हो सकता है। अगर यह उम्र के हिसाब से लगातार बना
Read article →अगर आपका बच्चा किसी शब्द का पहला अक्षर बोलने की कोशिश में फँस जाता है, चेहरा तन जाता है और कुछ पल के लिए आवाज़ ही नहीं निकलती, तो यह हकलाहट (स्टैमरिंग) का एक प्रकार हो सकता है जिसे 'ब्लॉकिंग' कहा जाता है। यह शब्द दोहराने वाली हकलाहट से अलग
Read article →अगर आपके बच्चे के अक्षर लाइन पर सीधे नहीं बैठते, ऊपर-नीचे भटकते हैं, या शब्दों के बीच की दूरी असमान रहती है, तो यह केवल लिखावट की आदत नहीं बल्कि स्थानिक (स्पेशियल) समझ और प्री-राइटिंग स्किल्स से जुड़ा हो सकता है। लगातार ऐसा दिखे तो आकलन करव
Read article →अगर आपका 5 साल का बच्चा एक पैर पर कूद (हॉप) नहीं पाता या थोड़ी देर भी एक पैर पर खड़ा होकर संतुलन नहीं बना पाता, तो यह संतुलन और शरीर नियंत्रण (ग्रॉस मोटर स्किल्स) से जुड़ा हो सकता है। ज़्यादातर बच्चे इस उम्र तक यह कौशल सीख लेते हैं, इसलिए ल
Read article →अगर आपका बच्चा कपड़ों के टैग, मोज़ों की सिलाई या कुछ खास कपड़ों को लेकर बहुत परेशान हो जाता है और उन्हें पहनने से मना करता है, तो यह ज़िद नहीं बल्कि स्पर्श संबंधी सेंसिटिविटी (टैक्टाइल सेंसिटिविटी) हो सकती है। कुछ बच्चों की त्वचा कुछ टेक्सच
Read article →अगर आपका बच्चा पढ़ते समय बहुत धीमा पढ़ता है, लाइन या शब्द छोड़ देता है, या बार-बार जगह भूल जाता है, तो यह हमेशा असावधानी नहीं होती। कई बार यह पढ़ने की रवानगी (रीडिंग फ्लुएंसी) में आ रही मुश्किल से जुड़ा हो सकता है, जिसे सही आकलन से समझा जा
Read article →अगर आपके बच्चे को नियमित ट्यूशन के बावजूद पढ़ाई में सुधार नहीं हो रहा, तो यह सवाल उठना सामान्य है कि क्या किसी स्पेशल एजुकेटर की ज़रूरत है। ट्यूशन और स्पेशल एजुकेशन अलग-अलग काम करते हैं - ट्यूशन विषय दोहराता है, जबकि स्पेशल एजुकेशन सीखने के
Read article →अगर आपका 2 साल का बच्चा अभी तक कोई शब्द नहीं बोल रहा, तो यह चिंता की बात लग सकती है। कुछ बच्चे 'लेट टॉकर' होते हैं यानी वे बाद में बोलना शुरू करते हैं, लेकिन बिना किसी शब्द के पूरी तरह बोलचाल न होना एक भाषा विलंब (स्पीच डिले) का संकेत भी हो
Read article →अगर आपके बच्चे को खड़ा पकड़ने या उठाने पर उसकी टाँगें अकड़ जाती हैं और एक-दूसरे पर क्रॉस हो जाती हैं (जैसे कैंची की तरह), तो यह मांसपेशियों की टोन (कसाव) से जुड़ा हो सकता है। यह हमेशा किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता, लेकिन बार-बार या ल
Read article →अगर आपका 2-3 साल का बच्चा गुड़िया को खाना खिलाने, खाना बनाने का नाटक करने या रोज़मर्रा के काम नकल करके खेलने में दिलचस्पी नहीं दिखाता, तो माता-पिता को चिंता होना सामान्य है। हर बच्चा अलग गति से खेलना सीखता है, लेकिन 'मेक-बिलीव' यानी कल्पना
Read article →अगर आपका बच्चा पढ़ते या लिखते समय कुर्सी पर सीधा नहीं बैठ पाता, कुर्सी पर लेट जाता है, टेबल पर सिर टिकाता है या जल्दी थक जाता है, तो यह हमेशा आलस या ध्यान की कमी नहीं होती। कई बार इसका कारण शरीर की कोर (मध्य भाग) की मांसपेशियों की कमज़ोर ता
Read article →अगर आपका बच्चा बातचीत में बहुत तेज़ है, अच्छी भाषा बोलता है, लेकिन गिनती, जोड़-घटाव या गणित के सवालों में बार-बार पीछे रह जाता है, तो यह असमानता ध्यान देने लायक है। कई बार ऐसा किसी विशेष सीखने संबंधी कठिनाई के कारण होता है, आलस या कम मेहनत
Read article →कुछ बच्चे घर पर बोलते समय अटकते हैं या हकलाते हैं, लेकिन स्कूल में सामान्य रूप से बोलते हैं। यह भ्रमित करने वाला लग सकता है, पर ऐसा होना असामान्य नहीं है - आराम और सहजता के माहौल में बच्चे कभी-कभी ज़्यादा सहज होकर बोलते हैं, जिससे हकलाहट दि
Read article →अगर आपके बच्चे की क्लास टीचर बार-बार कहती हैं कि वह ब्लैकबोर्ड से लिखना समय पर पूरा नहीं कर पाता, तो इसका कारण हमेशा ध्यान की कमी नहीं होता। कई बार यह हाथ की सहनशक्ति, अक्षर बनाने की गति या आँख-हाथ तालमेल से जुड़ा होता है। यह दिक्कत लगातार
Read article →ज़्यादातर बच्चे 3 से 4 साल की उम्र तक तिपहिया साइकिल चलाना या बैलेंस बाइक पर संतुलन बनाना सीख जाते हैं। अगर आपका 4 साल का बच्चा अब भी पैडल चलाने में बहुत परेशानी महसूस करता है या बार-बार गिरता है, तो यह पैरों की ताकत, तालमेल या संतुलन से जु
Read article →अगर आपका बच्चा बाल कटवाने, नाखून काटने या दाँत साफ करवाने के समय बहुत रोता है, तड़पता है या हाथ-पैर मारता है, तो यह सिर्फ ज़िद नहीं हो सकती। कुछ बच्चों को स्पर्श से जुड़ी सेंसरी संवेदनशीलता होती है, जिससे रोज़मर्रा की ये गतिविधियाँ असहज या
Read article →अगर स्कूल से कहा गया है कि आपका बच्चा इस साल पास नहीं हो पाएगा या क्लास दोहरानी पड़ सकती है, तो यह सुनकर घबराना स्वाभाविक है। लेकिन इसका मतलब हमेशा यह नहीं कि बच्चे में कोई बड़ी कमी है - कई बार सही सहयोग और सही आकलन के साथ बच्चा तेज़ी से आग
Read article →बहुत से माता-पिता सोचते हैं कि घर में हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाएँ बोलने से बच्चे की बोली देर से शुरू होती है। असल में शोध बताते हैं कि दो भाषाएँ सीखना आमतौर पर भाषा में देरी का कारण नहीं बनता। अगर बच्चा दोनों भाषाओं में ही उम्र के हिसाब
Read article →ज़्यादातर बच्चे लगभग 6 से 8 महीने की उम्र तक बिना सहारे बैठना सीख जाते हैं। अगर आपका बच्चा 9 महीने का हो गया है और अब भी बिना सहारे नहीं बैठ पाता, तो यह हमेशा गंभीर बात नहीं होती, पर इसे नज़रअंदाज़ करने के बजाय बच्चों के डॉक्टर से जांच करवा
Read article →अगर आपका बच्चा बार-बार वही शब्द या वाक्य दोहराता है, जैसे टीवी या किसी और की बात हूबहू दोहराना, तो इसे इकोलेलिया (Echolalia) कहते हैं। यह कई बच्चों में सामान्य भाषा विकास का हिस्सा होता है, पर अगर बच्चा अपनी ज़रूरत बताने के लिए शब्दों का इस
Read article →अगर आपका बच्चा लंच बॉक्स, पानी की बोतल का ढक्कन या जिप खुद नहीं खोल पाता और बार-बार मदद माँगता है, तो यह हमेशा आलस नहीं होता। कई बार हाथों और उंगलियों की मांसपेशियों की ताकत कमज़ोर होने से ऐसा होता है। रोज़ाना यह दिक्कत बनी रहे तो ऑक्यूपेशन
Read article →अगर आपका बच्चा बातचीत में तेज़ और समझदार है लेकिन आसान शब्द पढ़ने में भी अटकता है, बहुत धीरे पढ़ता है या ज़ोर से पढ़ने से बचता है, तो यह पढ़ने से जुड़ी विशिष्ट कठिनाई (जैसे डिस्लेक्सिया) का संकेत हो सकता है। बुद्धिमत्ता की कमी नहीं, बल्कि प
Read article →अगर आपका 7 साल का बच्चा लिखते समय पेंसिल पर बहुत ज़ोर लगाता है, जल्दी थक जाता है, या मेहनत करने पर भी लिखावट साफ नहीं आती, तो यह हाथ की मांसपेशियों की कमज़ोरी या पेंसिल पकड़ने के तरीके से जुड़ा हो सकता है। लगातार ऐसा होने पर ऑक्यूपेशनल थेरे
Read article →अगर आपके बच्चे की हकलाहट पहले से बढ़ गई है और वह अब स्कूल में बोलने से बचने लगा है या दोस्त उसे चिढ़ाते हैं, तो यह ध्यान देने लायक बदलाव है। समय पर फ्लुएंसी थेरेपिस्ट की मदद से बच्चे का आत्मविश्वास और बोलने में सहजता दोनों बेहतर हो सकते हैं
Read article →अगर आपका बच्चा ब्लॉक्स को ठीक से नहीं जमा पाता या उम्र के हिसाब से आसान पज़ल भी पूरी नहीं कर पाता, तो यह हाथों की बारीक हरकत (फाइन मोटर) या आँख-हाथ तालमेल की कमज़ोरी से जुड़ा हो सकता है। कुछ बच्चे थोड़ी देर से यह कौशल सीखते हैं, लेकिन लगाता
Read article →अगर आपका बच्चा लगातार कूदता है, चीज़ों से टकराता है, या तेज़ हरकत और मज़बूत स्पर्श चाहता है, तो यह सेंसरी सीकिंग यानी शरीर के संवेदी संकेतों की ज़्यादा ज़रूरत का संकेत हो सकता है। यह सिर्फ ऊर्जावान होना भी हो सकता है, लेकिन अगर यह सुरक्षा य
Read article →अगर स्कूल ने आपके बच्चे के लिए शैडो टीचर या अतिरिक्त सहायता का सुझाव दिया है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। शैडो टीचर बच्चे के साथ कक्षा में बैठकर उसे पढ़ाई, ध्यान केंद्रित करने और स्कूल की गतिविधियों में हिस्सा लेने में मदद करता है। यह फैसला ब
Read article →अगर परिवार के लोग तो आपके 5 साल के बच्चे की बात समझ लेते हैं लेकिन बाहर के लोगों को समझने में दिक्कत होती है, तो यह उच्चारण (आर्टिकुलेशन) से जुड़ी समस्या हो सकती है। इस उम्र तक ज़्यादातर बच्चों की बोली अजनबियों को भी समझ आने लगनी चाहिए। अगर
Read article →कई छोटे बच्चे कभी-कभी पंजों के बल चलते हैं और यह सामान्य होता है। लेकिन अगर 2-3 साल की उम्र के बाद भी बच्चा ज़्यादातर समय पंजों पर ही चलता है, एड़ी ज़मीन पर नहीं टिकाता, या पैर की मांसपेशियां कड़ी महसूस होती हैं, तो यह जांच करवाने लायक संके
Read article →अगर आपका बच्चा खिलौनों को एक कतार में सजाना पसंद करता है और रोज़मर्रा की आदतों में छोटा-सा बदलाव भी बर्दाश्त नहीं कर पाता, तो यह अक्सर सामान्य बचपन का व्यवहार होता है। लेकिन अगर यह पैटर्न बहुत तीव्र है, बार-बार दिखे और अन्य विकासात्मक संकेत
Read article →कुछ बच्चों को दोनों हाथों से मिलकर काम करने में दिक्कत होती है, जैसे कागज़ पकड़कर कैंची चलाना, जार खोलना या मोती पिरोना। यह हमेशा असावधानी नहीं होती - कई बार यह दोनों हाथों के तालमेल (बाइलेटरल कोऑर्डिनेशन) की कमज़ोरी से जुड़ा होता है। अगर य
Read article →अगर आपका बच्चा उत्साहित या थका होने पर कभी-कभी शब्द या शुरुआती आवाज़ दोहराता है, तो यह हमेशा हकलाना (स्टैमरिंग) नहीं होता। छोटे बच्चों में भाषा तेज़ी से विकसित होते समय ऐसी सामान्य रुकावटें आना आम है। लेकिन अगर दोहराव बार-बार हो, बोलने में
Read article →अगर आपका बच्चा गेंद पकड़ने, कूदने या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में बाकी बच्चों से ज़्यादा मुश्किल महसूस करता है, तो यह ग्रॉस मोटर (बड़ी मांसपेशियों की) कोऑर्डिनेशन से जुड़ा हो सकता है। ज़्यादातर मामलों में यह उम्र के साथ सुधरता है, लेकिन लगातार
Read article →अगर आपका बच्चा सिर्फ गिनी-चुनी चीज़ें ही खाता है और बाकी खाने की बनावट (टेक्सचर) से साफ़ मना कर देता है, तो यह हमेशा सामान्य नखरे नहीं होते। कई बार इसके पीछे सेंसरी प्रोसेसिंग यानी बनावट, गंध या स्वाद के प्रति संवेदनशीलता होती है। अगर खाने
Read article →अगर आपका बच्चा पूरी कोशिश करता है फिर भी स्कूल में पढ़ाई में पीछे रह जाता है, तो यह उसकी लगन की कमी नहीं है - इसके पीछे सीखने का कोई विशेष तरीका या ज़रूरत हो सकती है जो सामान्य कक्षा के तरीके से पूरी तरह मेल नहीं खाती। सही आकलन से यह समझने
Read article →अगर आपका बच्चा जो कहा जाए वह अच्छी तरह समझता है, लेकिन खुद बोलने में बहुत पीछे है, तो यह भाषा को समझने (रिसेप्टिव) और बोलने (एक्सप्रेसिव) की क्षमता के बीच का अंतर हो सकता है। कई बार यह समय के साथ ठीक होता है, लेकिन अगर अंतर बड़ा हो या बना र
Read article →अगर आपका बच्चा एक साल की उम्र से पहले ही किसी एक हाथ को ज़्यादा इस्तेमाल करने लगा है और दूसरे हाथ का बहुत कम उपयोग करता है, तो यह हमेशा सामान्य नहीं होता। ज़्यादातर बच्चे 18 महीने के बाद ही स्पष्ट रूप से एक हाथ को प्राथमिकता देना शुरू करते
Read article →अगर आपका 18 महीने का बच्चा नाम बुलाने पर नहीं देखता या किसी चीज़ की ओर उंगली से इशारा नहीं करता, तो यह चिंता की बात हो सकती है, लेकिन घबराने से पहले जांच ज़रूरी है। सुनने की क्षमता से लेकर शुरुआती सामाजिक-संप्रेषण (सोशल कम्युनिकेशन) कौशल तक
Read article →अगर आपका 6 साल का बच्चा अब भी बटन लगाने, ज़िप खींचने या जूते के फीते बांधने में बहुत परेशान होता है, तो यह हमेशा आलस नहीं है। इसके पीछे हाथ की ताकत, उंगलियों का तालमेल या मोटर प्लानिंग जैसी वजहें हो सकती हैं। लगातार परेशानी दिखे तो ऑक्यूपेश
Read article →अगर आपका बच्चा पढ़ते या लिखते समय बार-बार 'b' और 'd' जैसे अक्षरों को उलट देता है, तो शुरुआती कक्षाओं में यह आम बात हो सकती है। लेकिन अगर यह उलझन बड़ी उम्र तक बनी रहे और पढ़ाई में लगातार परेशानी पैदा करे, तो लर्निंग डिसएबिलिटी से जुड़ा आकलन
Read article →अगर आपका 5 साल का बच्चा अब भी पेंसिल को मुट्ठी में पकड़ता है, तो यह हमेशा गंभीर समस्या नहीं है - पेंसिल पकड़ना धीरे-धीरे विकसित होने वाला कौशल है और बच्चों में यह अलग-अलग उम्र में परिपक्व होता है। अगर यह लगातार बना रहे, हाथ जल्दी थके या लिख
Read article →अगर स्कूल से यह फीडबैक मिला है कि आपके बच्चे के हाथ की ताकत कमज़ोर है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है, यह एक आम और स्पष्ट समस्या है जिसका समाधान संभव है। ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट हाथ और उँगलियों की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने के लिए संरचित गतिविधि
Read article →कुछ बच्चे झूले, फिसलपट्टी या ऊँचाई वाले खेल के सामान से बहुत डरते हैं, जबकि बाकी बच्चे उन्हें आराम से खेलते देख लगता है। यह अक्सर वेस्टिबुलर यानी संतुलन और मूवमेंट से जुड़ी सेंसरी संवेदनशीलता के कारण होता है, डरपोक स्वभाव की वजह से नहीं। हम
Read article →ज़्यादातर बच्चे 6 साल की उम्र तक बटन लगाना और फीता बांधना सीख जाते हैं, हालांकि इसमें कुछ स्वाभाविक अंतर होता है। अगर आपका बच्चा बार-बार कोशिश करने के बाद भी यह नहीं सीख पा रहा, तो यह हाथ की फाइन मोटर स्किल्स से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। हमा
Read article →कुछ बच्चों को कुछ खास बनावट वाला खाना, जैसे नरम, गुठलीदार या मिला-जुला खाना, बहुत असहज लगता है और वे उल्टी जैसा महसूस करते हैं या खाना ही बंद कर देते हैं। यह हमेशा सिर्फ चूज़ी होना नहीं होता, कई बार यह सेंसरी प्रोसेसिंग से जुड़ी दिक्कत होती
Read article →कुछ बच्चे लगातार अपनी शर्ट की कॉलर, आस्तीन, पेंसिल या खिलौनों को चबाते रहते हैं, भले ही उन्हें भूख न लगी हो। यह अक्सर सेंसरी सीकिंग व्यवहार होता है, जिसमें बच्चे को मुँह और जबड़े में एक खास तरह के दबाव की ज़रूरत महसूस होती है। हमारी ऑक्यूपे
Read article →कुछ बच्चों के लिए मॉल, शादी या भीड़भाड़ वाली जगहों की तेज़ आवाज़ बहुत असहज होती है, जिससे वे कान बंद कर लेते हैं या रोने-चिल्लाने लगते हैं। यह अक्सर सेंसरी प्रोसेसिंग से जुड़ा होता है, ज़िद नहीं। अगर यह बार-बार होता है, तो हमारी ऑक्यूपेशनल
Read article →अगर आपके बच्चे की लिखावट लगातार अस्पष्ट रहती है और लिखते समय हाथ में दर्द या थकान होती है, तो यह अक्सर हाथ की मांसपेशियों की कमज़ोरी या पेंसिल पकड़ने के गलत तरीके से जुड़ा होता है, न कि लापरवाही से। हमारी ऑक्यूपेशनल थेरेपी टीम इसका सही कारण
Read article →छोटे बच्चों का शुरुआत में कभी-कभी पंजों के बल चलना आम बात है और अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, या बच्चा सामान्य तरीके से चलने में असमर्थ लगे, तो इसका आकलन करवाना बेहतर होता है। हमारी ऑक्यूपेशनल थेरेपी टी
Read article →सेरेब्रल पाल्सी वाले हर बच्चे का शारीरिक विकास अलग गति और अलग तरीके से होता है, इसलिए दूसरे बच्चों या सामान्य मील के पत्थर से तुलना करना अक्सर गुमराह करने वाला होता है। ज़रूरी यह है कि आपका फिजियोथेरेपिस्ट आपके बच्चे की मौजूदा क्षमता को समझ
Read article →सेरेब्रल पाल्सी की थेरेपी को हफ्ते में सही तरीके से फिट करना शुरुआत में मुश्किल लग सकता है, स्कूल, नींद और घर के बाकी कामों के साथ। असल शेड्यूल हर बच्चे के आकलन के अनुसार तय होता है, लेकिन ज़्यादातर परिवारों के लिए क्लिनिक सेशन और घर पर रोज
Read article →सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चे का स्कूल शुरू करना उत्साह के साथ-साथ चिंता भी लाता है, कक्षा में आने-जाने से लेकर लिखने और बैठने तक। स्कूल से पहले से बात करना, ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार रखना और सही सहायता, जैसे शैडो टीचर या भौतिक सुविधाएं, के बारे
Read article →अगर आपका शिशु उम्र के हिसाब से गर्दन नहीं संभाल पा रहा, पलट नहीं रहा, शरीर बहुत अकड़ा हुआ या बहुत ढीला लग रहा है, या एक हाथ का इस्तेमाल दूसरे से बहुत पहले शुरू कर दिया है, तो यह जांच करवाने लायक बात है। इनमें से कोई भी संकेत अकेले सेरेब्रल
Read article →अगर आपके बच्चे को लर्निंग डिसएबिलिटी है और स्कूल ने बताया है कि CBSE बोर्ड एग्ज़ाम में एक्स्ट्रा टाइम या स्क्राइब जैसी सुविधा मिल सकती है, तो सबसे पहला कदम है किसी योग्य विशेषज्ञ या साइकोलॉजिस्ट से सही आकलन करवाना। इसके बाद स्कूल का स्पेशल
Read article →अगर स्कूल ने सुझाव दिया है कि आपके बच्चे के साथ एक "शैडो टीचर" रखी जाए, तो यह किसी अलग टीचर की जगह नहीं बल्कि क्लासरूम में बच्चे के साथ बैठकर मदद करने वाले एक सहायक व्यक्ति की बात है, जो पढ़ाई, ध्यान या दिनचर्या में सहयोग देता है। हर बच्चे
Read article →जब बच्चा नियमित स्कूल में लगातार पीछे रह जाता है, तो कई बार रिश्तेदार या जान-पहचान वाले कह देते हैं "स्पेशल स्कूल में डाल दो।" पर यह फैसला बच्चे की असल ज़रूरत और दिक्कत की गंभीरता को समझे बिना नहीं लेना चाहिए। ज़्यादातर बच्चे, जिन्हें लर्नि
Read article →अगर आपका बच्चा क्लास 2 या 3 में है और अब भी b और d में उलझ जाता है, या पढ़ने में अपनी उम्र से काफी पीछे है, तो यह हमेशा गंभीर बात नहीं होती, लेकिन नज़रअंदाज़ करने वाली भी नहीं है। शुरुआती कक्षाओं में कुछ हद तक ऐसा होना सामान्य है, पर अगर यह
Read article →अभी अभी पता चला है कि आपके बच्चे को डिस्लेक्सिया है, और शायद आप समझ नहीं पा रहे कि अब आगे क्या करना है। सबसे पहली बात, यह डायग्नोसिस बच्चे की काबिलियत पर सवाल नहीं है, यह बताता है कि बच्चे को पढ़ने लिखने में किस तरह की मदद चाहिए। अगला कदम ह
Read article →अगर आपके बच्चे को लर्निंग डिसएबिलिटी है और स्कूल की परीक्षाएँ नज़दीक हैं, तो एक्स्ट्रा टाइम, स्क्राइब या अन्य परीक्षा सुविधाएँ आमतौर पर योग्य विशेषज्ञ की लिखित रिपोर्ट के आधार पर स्कूल के ज़रिए तय होती हैं। हर स्कूल का तरीका थोड़ा अलग हो सक
Read article →अगर स्कूल से पीटीएम में कहा गया है कि आपके बच्चे को "एक्स्ट्रा सपोर्ट" या "स्पेशल एजुकेशन" की ज़रूरत है, तो घबराने की बात नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्चा "कमज़ोर" है, बल्कि यह कि उसे पढ़ने-लिखने के किसी हिस्से में अलग तरीके से मदद चाहिए
Read article →अगर हर दिन होमवर्क को लेकर घर में रोना-धोना, बहाने और लड़ाई होती है, तो यह हमेशा "आलस" नहीं होता। कई बार बच्चा होमवर्क से इसलिए बचता है क्योंकि वह असल में उसे समझ नहीं पा रहा, और यह किसी अंडरलाइंग लर्निंग गैप का संकेत हो सकता है। सही आकलन स
Read article →अगर अभी-अभी आपके बच्चे को ऑटिज़्म डायग्नोसिस मिला है, तो एक साथ कई तरह की भावनाएँ आना बिल्कुल सामान्य है। यह डायग्नोसिस आपके बच्चे को बदलता नहीं है, बस उसकी ज़रूरतों को समझने और सही सहायता देने में मदद करता है। अगला कदम है रिपोर्ट को ठीक से
Read article →स्कूल को बताना है या नहीं, यह एक मुश्किल फैसला लग सकता है, खासकर लेबल लगने या भेदभाव के डर से। लेकिन सही जानकारी सही तरीके से दी जाए, तो इससे टीचर बच्चे को बेहतर समझ पाते हैं और कक्षा में ज़रूरी सहयोग मिल पाता है। पूरी क्लिनिकल रिपोर्ट देने
Read article →अगर आपका बच्चा बार-बार खिलौनों को एक कतार में लगाता है, और रोज़ के रास्ते या क्रम में थोड़ा भी बदलाव होने पर बहुत परेशान हो जाता है, तो यह अपने आप में किसी बीमारी का संकेत नहीं है। कई बच्चों को नियमितता और तयशुदा क्रम पसंद होता है। अगर यह व
Read article →अगर आपको कड़कड़डूमा के आसपास अपने बच्चे के लिए ऑटिज़्म थेरेपी की सलाह मिली है, लेकिन ठीक से पता नहीं कि सेशन में असल में क्या होता है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। ऋषभ विहार क्लिनिक में पहले बच्चे का आकलन होता है, फिर उसी आधार पर खेल-आधारित, स
Read article →अगर आपका डेढ़-दो साल का बच्चा नाम बुलाने पर हमेशा नहीं देखता, इशारा नहीं करता, या बहुत कम शब्द बोलता है, तो घबराने की बजाय इसे ध्यान से देखें। इनमें से एक-दो संकेत होना अपने आप में ऑटिज़्म का मतलब नहीं है, लेकिन अगर यह पैटर्न हफ्तों-महीनों
Read article →हर बच्चे के सीखने और बढ़ने की रफ़्तार अलग होती है, इसलिए किसी एक स्किल में थोड़ा पीछे होना अपने आप में चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर बोलने, समझने, चलने या सामाजिक व्यवहार जैसी एक से ज़्यादा चीज़ों में लगातार देरी दिख रही हो, तो एक बार सही
Read article →माता-पिता अक्सर पूछते हैं कि एबीए, स्पीच थेरेपी और ओटी में से बच्चे के लिए सबसे पहले क्या ज़रूरी है। सच यह है कि कोई एक "सबसे बेस्ट" थेरेपी हर बच्चे के लिए नहीं होती। हर थेरेपी अलग चीज़ों पर काम करती है, और सही जोड़ बच्चे के आकलन के आधार पर
Read article →भारत में कुछ बच्चों को, जिनकी कोई पहचानी गई विकासात्मक, शारीरिक, सुनने या सीखने से जुड़ी स्थिति है, एक सरकारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए योग्य माना जा सकता है, जिससे स्कूल परीक्षा में छूट और अन्य लाभ मिल सकते हैं। यह प्रक्रिया हर मामले म
Read article →अगर आपके बच्चे को ऑटिज़्म, एडीएचडी या किसी और डायग्नोसिस के बारे में बताया गया है और आपको लगता है कि आकलन जल्दी में हुआ या ठीक से समझाया नहीं गया, तो दूसरी राय लेना पूरी तरह सामान्य और उचित कदम है। इससे पहले डॉक्टर का अनादर नहीं होता, बल्कि
Read article →कई बार बच्चे में एक साथ कई तरह की परेशानियाँ दिखती हैं, जैसे ध्यान न लगना, पढ़ाई में पिछड़ना, बोलने में देरी या हाथ से लिखने में दिक्कत, और माता-पिता को समझ नहीं आता कि किस विशेषज्ञ के पास जाएँ। असल में आपको खुद सही विशेषज्ञ चुनने की ज़रूरत
Read article →बहुत से बच्चे मोबाइल या टैबलेट लेते ही हाथ से छीनने पर रोने-चिल्लाने लगते हैं। यह पूरी तरह असामान्य नहीं है, लेकिन अगर यह हर बार बहुत बड़ा नाटक बन जाता है, तो स्क्रीन की सीमाएँ तय करने का तरीका बदलने की ज़रूरत हो सकती है।
Read article →कुछ बच्चों को स्कूल छोड़ते समय रोज़ बहुत रोना, चिपकना या मां-बाप को जाने न देना जैसी दिक्कत होती है, और यह कुछ हफ्तों बाद भी कम नहीं होती। इसे सेपरेशन एंग्ज़ायटी कहा जाता है, और सही तरीके अपनाने और ज़रूरत पड़ने पर काउंसलिंग से इसमें मदद मिल
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